फिलहाल
सोमवार, 6 अगस्त 2007
एक आवाज..
वो तो ख़ुशबू है हवाओं में बिखर जायेगा
मसला फूल का है फूल किधर जायेगा
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
ब्लॉग आर्काइव
▼
2007
(5)
▼
अगस्त
(5)
एक आवाज..
एक आवाज..
एक आवाज..
प्रतिस्पर्धा
चल अकेला.. चल अकेला, चल अकेला
मेरे बारे में
Kanishk Chauhan
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें